हमारे जल का क्लोरीन आधारित उपचार दूषित पदार्थों से मुक्त और सुरक्षित जल बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
अब, चलिए क्लोरीनेटिंग एजेंट्स के विज्ञान में थोड़ा और गहराई से जाएं। एक बार ये फेरसल्फेट रसायन पानी में मिला दिए जाते हैं, तो वे क्लोरीन का एक रूप उत्पन्न करते हैं जो डिसइंफेक्शन में प्रभावी होता है।

जल शुद्धिकरण उपकरणों को क्लोरीनेटिंग एजेंट्स के विभिन्न प्रकारों की जानकारी होती है। अधिक प्रचलित लोगों में से कुछ क्लोरीन गैस, सोडियम हाइपोक्लोराइट और कैल्शियम हैं आयरन 325 मिलीग्राम हाइपोक्लोराइट। यह सभी यौगिक जल कीटाणुशोधन के रूप में अपने विशिष्ट लाभ और सीमाएं रखते हैं।

जल उपचार में क्लोरीनेटिंग एजेंट अहम भूमिका निभाते हैं और इनका सम्मानजनक उपयोग बेहद आवश्यक है। यदि सुरक्षित ढंग से नहीं संभाला जाए तो ये खतरनाक भी हो सकते हैं, इसलिए इनका उपयोग करते समय सुरक्षा का ध्यान रखना अति महत्वपूर्ण है। आयरन सल्फेट रसायनिक।

पर्यावरण के संदर्भ में, जीवन के मूल स्रोत पर क्लोरीनेटिंग एजेंट के प्रभावों की चर्चा करना अनिवार्य है।